दिनकर के साहित्य में शक्ति और शांति का सामंजस्य
दिनकर के साहित्य में शक्ति और शांति का सामंजस्य इस माह दिनकर जी का जन्मदिवस था । दिनकर एक ऐसे साहित्य रत्न है जिन्होंने गद्द और पद्द दोनों ही विधा में पारंगतता हासिल किया हुआ है । आधुनिक कवियों की सूची में शायद मैं दिनकर को सर्वश्रेष्ठ मानता हूँ। जिला मुंगेर, बिहार के सिमरिया गाँव में जन्मे रामधारी सिंह दिनकर का जन्म आज ही २३ सितम्बर, 1908 को हुआ था। प्रारंभिक शिक्षा के उपरांत शिक्षक के रूप में कार्य शुरू किया और वर्ष 1924 में प्रथम कविता का प्रकाशन किया। उसके बाद से साहित्यिक जगत से दिनकर का ऐसा जुड़ाव हुआ कि दिनकर अपनी विशिष्ट शैली में साहित्य सृजन करते रहे और नित नई जिम्मेदारियों के साथ अपने साहित्यिक प्रतिभा को भी निखारते रहे। राज्यसभा सांसद के रूप में अपनी सेवाएँ दी और भागलपुर विश्वविद्यालय के कुलपति रहे। दिनकर और वीर रस की कविताएँ एक पर्यायवाची के रूप में हो गए िसमें रश्मिरथी सबसे अग्रणी है । इस लेख का मुख्य प्रेरणा स्रोत भी यही है । आमतौर पर हम मौजूदा नव तरुणों को इस बात के लिए आरोपित करते हैं कि उन्हें हिंदी के स्वर्णिम काल का ज्ञान नहीं है और एक अरुचि है। लेकिन यह अ...